Top_Header_Right_Add

कानैत-कानैत हम त बताह भेलियौ

कानैत-कानैत हम त बताह भेलियौ

विद्यानन्द वेदर्दी
राजविराज,सप्तरी
हाल:विराटनगर,मोरङ्ग
अध्यन: Isc. 1st Year(शिक्षादीप कलेज,विराटनगर)


 

कानैत-कानैत हम त बताह भेलियौ
माँ आइ दिनभरि,तोरे याद केलियौ॥

बुझि पड़ल जिनगी कते संघर्षील छै
तोहर आँचर सँ,जखने दुर गेलियौ॥

कपड़ा खिचैत काल,भन्सा करैत काल
नै पुछ आर कि काजमे ठेस खेलियौ॥

साच्चे तु त भगवानो सँ ओइ पार छे,
इ जगमे तोरा सनक लोग नै पेलियौ॥

हे अपन गन्तव्य धरि पहुँचियेके रहब,
आशिष दिह,सप्पत हम खा’ लेलियौ॥

About The Author

News Portal Web design in Saptari Offer