मैथिल प्रशान्त

हे प्रिय
नञि प्राणो सँ प्रिय ——
बाँतर अछि
हमरा लेल ,
ई गेना गुलाब चान
इजोरियाक राइत ,
बाँतर अछि
चॅर चाँचर
गम्हरायल धान
हरियर नूँआ जँका पसरल
गहूमक खेत
साँचे प्रिय
बाँतर अछि
कोइलीक कूहकब
बरखाक बरसब
बेंगक अनघोल
झिंगुरक शोर
बाँतर अछि प्रिय
विद्यापतिक राधा-कृष्ण बिषयक गीत
ओ दुर्गा पूजाक मेला
सिंघाराक गमकब
ओ लटगेना दोकानक
अलता रब्बर नेल पोलिस
ई सभ मोन पारि दैए
अहाँक सिनेह ,
हमरा भितर
फेर सँ फूइट जाइत अछि
एकटा गंगा———-हँ सिनेहक गंगा ।
दुर्गौली, बेनीपट्टी