भूपनारायण यादव
माय तों दूनियामे छे सब स’ बड्का
माय तोंही देखेले ई दुनियाँ हमरा
अपन छात्ती स’ लगाकए राखलए हमरा
सच माय, ताेंही दूनियामे छे सब स’ बड्का
भरि राति जागि कए सुतेले हमरा
अपना भूखल रहि, पेट भरले हमरा
अपना दुःख कए सुखी रखलए हमरा
एक पल नहि देख सकै छे दूःख हमर
माय, तोंही दूनियाँमे छे सब स’ बड्का
– खुरहुरिया– ५, हाल पञ्जाब, भारत