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  • कचकैए मोन हमर 

    हक्कन कानैत अछि बाध बोन हमर उठलै कोन टीस कचकैए मोन हमर धोखर' लगलै आँगनमे पारल अरिपन कोना टलहा भेलै भावक स ...

    हक्कन कानैत अछि बाध बोन हमर उठलै कोन टीस कचकैए मोन हमर धोखर' लगलै आँगनमे पारल अरिपन कोना टलहा भेलै भावक सोन हमर नियति समयके लाड़ैन सँ उलबैत रहल मनुख छी बदलल नञि दृष्टिकोण हमर आइ बड़ एसगर छै हलहल फूलल गा ...

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  • हमहूँ कविता लिखैत छी

    डा. अखिलेश झा सचसँ दूर भागि कल्पनामे जागि विहार करैत छी हमहूँ कविता लिखैत छी जगतक वेदना सुना कऽ सबसँ दरेग ...

    डा. अखिलेश झा सचसँ दूर भागि कल्पनामे जागि विहार करैत छी हमहूँ कविता लिखैत छी जगतक वेदना सुना कऽ सबसँ दरेग पाबि कऽ सन्तोष करैत छी हमहूँ कविता लिखैत छी वाक्य विन्यासक वंशीसँ शब्दक फेकल जालसँ कल्पनाक माछ ...

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  • गजल 

    कुन्दन कुमार कर्ण जनतन्त्रमे जन राज्यसँ डेरा रहल छै अपने चुनल सरकारसँ पेरा रहल छै कानूनमे अधिकार मुदा काज ...

    कुन्दन कुमार कर्ण जनतन्त्रमे जन राज्यसँ डेरा रहल छै अपने चुनल सरकारसँ पेरा रहल छै कानूनमे अधिकार मुदा काजमे नै स्वतन्त्रता अभ्याससँ हेरा रहल छै ठेकान नै कुर्सीक कखन के लऽ जेतै सत्ताक भागी जल्दिसँ फेरा ...

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  • जागू जागू सब मैथिल नारी

    जागू जागू सब मैथिल नारी, जानकी जकाँ बनू महान् दोसरकेँ संस्कृति नक्कल नै कऽ, अपनकेँ राखू मान अपनो जागू आ स ...

    जागू जागू सब मैथिल नारी, जानकी जकाँ बनू महान् दोसरकेँ संस्कृति नक्कल नै कऽ, अपनकेँ राखू मान अपनो जागू आ सबकेँ जगाउ, सुतू नै पीबि कऽ लाजक तारी घोघ तरसँ बाहर निकलू, बनू एक होसियार मैथिल नारी बिन बाजने अ ...

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  • माय, तोंही दूनियाँमे छे सब स’ बड्का

    भूपनारायण यादव माय तों दूनियामे छे सब स’ बड्का माय तोंही देखेले ई दुनियाँ हमरा अपन छात्ती स’ लगाकए राखलए ...

    भूपनारायण यादव माय तों दूनियामे छे सब स’ बड्का माय तोंही देखेले ई दुनियाँ हमरा अपन छात्ती स’ लगाकए राखलए हमरा सच माय, ताेंही दूनियामे छे सब स’ बड्का भरि राति जागि कए सुतेले हमरा अपना भूखल रहि, पेट भरल ...

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  • नोर निकिता लेल

    मैथिल प्रशान्त दम साधु दबाबऽ दियऽ घाव के बहाबऽ दियऽ बिआह भेल अगुताय की  कोबर तऽ सजाबऽ दियऽ चिता दहेजक हमर ...

    मैथिल प्रशान्त दम साधु दबाबऽ दियऽ घाव के बहाबऽ दियऽ बिआह भेल अगुताय की  कोबर तऽ सजाबऽ दियऽ चिता दहेजक हमरे लेल मेहदी तऽ लगाबऽ दियऽ समय लिखतै पिहानी मुदा गंगा उल्टा बहाबऽ दियऽ मानल इशरत लेल दरेग अहाँके ...

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  • चलन यो

    राकेश कुमार रसिक यस्तै रहेछ यहाँको चलन यो । मरेपछि फूलका माला, बाचुन्जेल ठूलो कसला । यस्तै रहेछ यहाँको चि ...

    राकेश कुमार रसिक यस्तै रहेछ यहाँको चलन यो । मरेपछि फूलका माला, बाचुन्जेल ठूलो कसला । यस्तै रहेछ यहाँको चिन्तन यो ।। यस्ता प्रवृति समाजकै महारोग , आदर्श र त्यागीहरुको चारैतिर वियोग । जिउँदोमा खोइ त गुन ...

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  • राज्यद्वारा उपेक्षित मधेशको ऐतिहासिक स्थल मानराजा गढी

    श्यामसुन्दर यादव ‘पथिक’ सप्तरी सदरमुकाम राजविराजदेखि करिब १६ किलोमिटर पश्चिम मानराजा गाविस स्थित वडा नम्व ...

    श्यामसुन्दर यादव ‘पथिक’ सप्तरी सदरमुकाम राजविराजदेखि करिब १६ किलोमिटर पश्चिम मानराजा गाविस स्थित वडा नम्वर–७ मा पर्दछ मानराजा गढी । जिल्लाको अति पुरानो एवम् ठूलो मानिएको यो करिब १० कट्ठा क्षेत्रफलमा फ ...

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  • हमर सजनी

    भूपनारायण यादव जल्दी स’ आबु यै सजनी, असगर जियब कोना ई जिनगी । अहीँके आशमे रहैत छी हम, बिन आहाँके जियब कोन ...

    भूपनारायण यादव जल्दी स’ आबु यै सजनी, असगर जियब कोना ई जिनगी । अहीँके आशमे रहैत छी हम, बिन आहाँके जियब कोना हम । आहाँ बिना केओ नहि हमरा हमर जिन्दगीके अहीँटा सहरा आँहाके देख जिव लेब जिन्दगी जल्दी स’ आबि ...

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  • गजल

    गजेन्द्र गजुर, लहान दु आखर किछू, हिआ भरि छजल अछि । नइ गजुरकऽ कविता, या गजल अछि ।। कागतेटा पर, कलमक नोक घस ...

    गजेन्द्र गजुर, लहान दु आखर किछू, हिआ भरि छजल अछि । नइ गजुरकऽ कविता, या गजल अछि ।। कागतेटा पर, कलमक नोक घसैत छी । निरक्षर मोनमे, सरस्वती उतरल अछि ।। पछिया झाटय, बिहारि गञ्जन स’ भुमि । तैयो नेहक पुष्प, ...

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