• आगि लागल करेजामे पानि ढारि दिय

    विद्यानन्द वेदर्दी राजविराज,सप्तरी हाल:विराटनगर,मोरङ्ग * * * * आगि लागल करेजामे पानि ढारि दिय हमर रगरगमे ...

    विद्यानन्द वेदर्दी राजविराज,सप्तरी हाल:विराटनगर,मोरङ्ग * * * * आगि लागल करेजामे पानि ढारि दिय हमर रगरगमे प्रेमक नसा उतारि दिय॥ असगरमे हाथ पकड़ैत खन मारैछी मुके मुका बरू सबहक सामनेमे दुइटा गारि दिय॥ बन ...

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  • आमा

    करुणा झा राजविराज, सप्तरी, नेपाल आमा तिमी मेरो जीवनमा, मनको बगैचा र फूलवारीमा । स्‍नेहरुपी अमृत धारा हौ, ...

    करुणा झा राजविराज, सप्तरी, नेपाल आमा तिमी मेरो जीवनमा, मनको बगैचा र फूलवारीमा । स्‍नेहरुपी अमृत धारा हौ, तिमी नै हरियाली वहार हौ ।। तिम्रो स्‍नेहको आँचलमा, जति छायाँ पाएको छु । मेरो त संसार तिमी नै हौ ...

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  • सदति हमरा तु मारैत रहले

    विद्यानन्द बेदर्दी ☆ ☆ ☆ ☆ सदति हमरा तु मारैत रहले, जेना बिजी मारैय साँपके सदति दमन तु करैत रहले, बात करै ...

    विद्यानन्द बेदर्दी ☆ ☆ ☆ ☆ सदति हमरा तु मारैत रहले, जेना बिजी मारैय साँपके सदति दमन तु करैत रहले, बात करैछे मेलमिलापके? एक-एक बदला लेबौ आब, तो बुझैछे कि अपनेआपके? ☆ ☆ ☆ ☆ ओ मारैत रहतै,फुसिएके सदित मरै ...

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