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  • मैथिली साहित्यको एक उपलब्धि ः ‘जीवनदान’

    –नन्दलाल आचार्य एउटा छोटो कथा भनौं, त्यसले मेरो कुरो बुझिन्छ होला । एउटा, कस्तो भयो भने, एकदिन बिहान–सवेर ...

    –नन्दलाल आचार्य एउटा छोटो कथा भनौं, त्यसले मेरो कुरो बुझिन्छ होला । एउटा, कस्तो भयो भने, एकदिन बिहान–सवेरै एउटी बूढी आइमाई आएर गाउँको कुवामा केही हाली र भनी, अब जसले यो कुवाको पानी खान्छ, त्यो पागल हु ...

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  • आजादी

    ~गजेन्द्र गजुर~ हनुमाननगर-२, सप्तरी आजादीके ज्वाला दनकैत रहतै, ओसब ओहिना फनकैत रहतै, जुलुम कले चिच्यानञि ...

    ~गजेन्द्र गजुर~ हनुमाननगर-२, सप्तरी आजादीके ज्वाला दनकैत रहतै, ओसब ओहिना फनकैत रहतै, जुलुम कले चिच्यानञि रति भरि, चाहे बिरुद्धमे सनकैत रहतै, इन्कलाम जिन्दाबाद ऽ क नारा भेल, नसंहारी अहिना झरकैत रहतै, उ ...

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  • मैथिली गजल

    धीरेन्द्र प्रेमर्षि जोरजुलुमसँ जे ने झुकए से भाले लगए पिअरगर यौ इन्द्रधनुषी एहि दुनियामे लाले लगए पिअरगर ...

    धीरेन्द्र प्रेमर्षि जोरजुलुमसँ जे ने झुकए से भाले लगए पिअरगर यौ इन्द्रधनुषी एहि दुनियामे लाले लगए पिअरगर यौ ठोरे जँ सीयल रहतै तँ गुदुर–बुदुर की हेतै कपार! एहन मुर्दा शान्तिसँ तँ बबाले लगए पिअरगर यौ कु ...

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  • “२०७२ काे संविधान अायाे”

    कृष्ण कुमार मण्डल राजबिराज, सप्तरी २०७२ काे नयाँ  संविधान अायाे भन्छ, जनता लाई दुख दिनेे अाधार लयायाे भन् ...

    कृष्ण कुमार मण्डल राजबिराज, सप्तरी २०७२ काे नयाँ  संविधान अायाे भन्छ, जनता लाई दुख दिनेे अाधार लयायाे भन्छ, अाेलिकाेे बाेलि ले गाेलि चलायाे भन्छ, बाेलिकाे ठेकान नहुनेले नेपालके प्रधानमन्त्री  बन्याे भ ...

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  • ☆’गजल’☆

             ☆'गजल'☆ माँ मधेश हकन कानि रहल य दर्द एकर नै ओ जानि रहल य॥ छीनकऽ अनकर हक-अधिकार चारि-चारि हाथ फान ...

             ☆'गजल'☆ माँ मधेश हकन कानि रहल य दर्द एकर नै ओ जानि रहल य॥ छीनकऽ अनकर हक-अधिकार चारि-चारि हाथ फानि रहल य॥ समानताके आवाज उठेला बाद, छाती पर बन्दुक तानि रहल य॥ सब एक्के गाछक डारि-पात छी, खस सरका ...

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  • कस्तो कालो दिन–रात भएछ

    –स्वतन्त्र विकास आजु राष्ट्रमा कस्तो कालो दिन–रात भएछ कालोलाई पनि यो सुनेर कस्तो लाज भएछ राष्ट्रको दुरगति ...

    –स्वतन्त्र विकास आजु राष्ट्रमा कस्तो कालो दिन–रात भएछ कालोलाई पनि यो सुनेर कस्तो लाज भएछ राष्ट्रको दुरगति गर्नेको चाँडो कतिको जमात बनेछ सार्वजनिक रुपमा देश विकासको बलत्कार हुँदैछ मात्र आफ्नो स्वामित्व ...

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  • माध्यमिक तहकी छोरीको स्नातकोत्तर पितालाई पत्र

    –नन्दलाल आचार्य श्रद्धेय बुबा ! अब म पनि सुझबुझसहितकी भएँ । सोचसमझको विकास हुँदै गएको अनुभूत हुँदै छ । कत ...

    –नन्दलाल आचार्य श्रद्धेय बुबा ! अब म पनि सुझबुझसहितकी भएँ । सोचसमझको विकास हुँदै गएको अनुभूत हुँदै छ । कताकता मेरो ज्ञानको क्षितिज थुन्ने आफ्नै आफन्त भएको महसुस हुँदै छ । र, यत्तिखेर पत्र कोर्न वाध्य ...

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  • मधेश छोडि नहि जइहे

    भिन्सरवाके किरण सङ्ग अबिहे हे छठि मैया सँझुका अहिसङ्ग आशिष छिरियाबिहे हे छठि मैया भुसवा, ठकुवा, केराक थम ...

    भिन्सरवाके किरण सङ्ग अबिहे हे छठि मैया सँझुका अहिसङ्ग आशिष छिरियाबिहे हे छठि मैया भुसवा, ठकुवा, केराक थम स्वीकार करि नन्हकिरबा आ’ बुचियाके कबुला सुनिह हे छठि मैया राति जागरण आ भजन किर्तन जे करैत छी सा ...

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  • मधेश आन्दोलनप्रति मैथिली साहित्यकारहरुको ऐक्यवद्धता

    काठमाण्डौ, २४ कार्तिक । ‘वर्तमान राजनीतिक सन्दर्भ र मैथिलीको भविष्य’ विषयक साहित्यिक गोष्ठि शनिवार काठमाण ...

    काठमाण्डौ, २४ कार्तिक । ‘वर्तमान राजनीतिक सन्दर्भ र मैथिलीको भविष्य’ विषयक साहित्यिक गोष्ठि शनिवार काठमाण्डौमा आयोजना गरियो । नेपाल सङ्गीत तथा नाट्य प्रज्ञा प्रतिष्ठानका सदस्य रमेश रञ्जन झाको अध्यक्षत ...

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  • कहीं कफ़न बिक न जाए

    करुणा झा  बिक रहा है पानी,पवन बिक न जाए बिक गयी है धरती, गगन बिक न जाए चाँद पर भी बिकने लगी है जमीं डर है ...

    करुणा झा  बिक रहा है पानी,पवन बिक न जाए बिक गयी है धरती, गगन बिक न जाए चाँद पर भी बिकने लगी है जमीं डर है की सूरज की तपन बिक न जाए हर जगह बिकने लगी है स्वार्थ नीति डर है की कहीं धर्म बिक न जाए देकर दह ...

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