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कोरोना भाइरस : किछु जनतब 

कोरोना भाइरस : किछु जनतब 

देवेन्द्र मिश्र

परिचय : कोरोना (Corona) शब्द लेटिन भाषाक शब्द थिक जे अङरेजी Crown शब्दसँ बनल अछि,जकर अर्थ होइछ मुकुट । कोरोना भाइरसकेँ इलेक्ट्रोन सूक्ष्मदर्शक यन्त्रसँ देखलापर ई काँट जकाँ मुकुटाकार गोलाकार आकृति जकाँ बुझाइत अछि । तएँ एहि भाइरसक नाम कोरोना भाइरस अछि । (Viruses are named for crown-like spikes on their surface. Under an electron microscope they look like spiked rings.)  । 

कोरोना भाइरस सदृश भाइरससभ खास कऽ कए जानवरसभमे पाएल जाइत अछि । ई जखन मानवमे आबि जाइत अछि तऽ ज्वर–बोखार, श्वास–प्रश्वास सम्बन्धी बेमारी, फेफडाक संक्रमण आदि उत्पन्न कऽ दैत अछि । रोग प्रतिरोधक क्षमता कम भेनिहार दीर्घ बेमारीसभ (Cronic illness),,जेना अनियन्त्रित मधुमेह, दीर्घकालीन श्वास सम्बन्धी रोग, किडनी रोग, लिभर सम्बन्धी बेमारी, कैन्सर आदि रोग लागल तथा ६० वर्षसँ बेसी उमेर समूहक लोकसभकेँ एहि भाइरसक कारणेँ  कठोर श्वास–प्रश्वासक बेमारी भऽ जाइत अछि आ एकर परिणामस्वरुप जटिल निमोनिया आ मृत्युधरि भऽ सकैत अछि । अति जटिल रोगक कारण कोरोना भाइरससभ विगत दू दशकमे संक्रमण पसारएबला SARS (severe acute respiratory syndrome) आ MERS (Middle East respiratory syndrome) नामक बेमारीसभक बादमे आएल अछि । ई भाइरससभ एकटा मनुखसँ दोसर मनुखमे आसानीसँ पसरि जाइत अछि, मुदा विभिन्न जानवर श्रोतसभक माध्यमसँ सेहो ई पसरैत अछि ।

                                                                    मानव कोरोना भाइरसक प्रकार

मानव कोरोना भाइरसक पहचान १९६० क दशकक मध्यमे भेल छल । कोरोना भाइरसक मुख्य चारिटा उपसमूहसभ अछि : अल्फा, बिटा, गामा आ डेल्टा ।

मनुक्खकेँ संक्रमित करएबला उपरोक्त चारि उपसमूहक कोरोना भाइरस निम्नलिखित सात प्रकारक होइत अछि :

  1. 229E (alpha corona virus)
  2. NL63 (alpha corona virus)
  3. OC43 (beta corona virus)
  4. HKU1 (beta corona virus )
  5. MERS-CoV(the beta corona virus that causes Middle East Respiratory Syndrome, or MERS)
  6. SARS-CoV (the beta corona virus that causes severe acute respiratory syndrome, or SARS)
  7. SARS-CoV-2 (the novel corona virus that causes corona virus disease 2019, or COVID-19)

जानवरसभकेँ संक्रमित करएबला कोरोना भाइरससभ कहिओकाल विकसित भऽ कए आ दहोदिश पसरिकऽ मनुक्खकेँ बेमार कऽ दैत अछि आ तकर बाद नवका भाइरस सेहो बनि जाइत अछि । एकर तीनटा टटका उदाहरणसभ अछि : MERS-CoV, SARS-CoV, 2019-n CoV.

कोभिड –१९ (COVID-19) की थिक ?

लोकसभकलेल भाइरस नव नाम नहि थिक । पहिनहि कहल जा चुकल अछि जे मानव कोरोना भाइरस सबसँ पहिने १९६० क दशकक मध्यमे चिह्नाङ्कित भेल छल । मानव समुदायमे एहिसँ पहिनहुँ सर्दी बोखार, डेँगू, कोदबा, इन्फ्लुएन्जा, हेपाटाइटिस, स्वाइन फ्लू, इबोला आदि बेमारीसभक कारण भाइरस रहल अछि । एड्स जकाँ बेमारी लगबए बला एच आइ भी सेहो भाइरसे थिक ने ? ओहू भाइसरसभक टीका आ ओषध प्रायः नहिए बनल अछि एखन धरि । मुदा ओहि बेमारीसभक लाक्षणिक उपचार आ शरीरक प्रतिरोधक क्षमता बढबएबला उपायसभ कऽ कए बेमारीसभकेँ नियन्त्रित कएल जा रहल अछि । तहिना कोरोना भाइरसकेँ सेहो विभिन्न प्रतिरोधक आ सुरक्षात्मक उपायसभ कऽ कए आ ई शीघ्र पसरएबला बमारी होएबाक कारणेँ सम्पर्कबिहीन भऽ कऽ एकरो नियन्त्रित कएल जा सकैछ ।

कोरोना भाइरस प्रायः समुद्री खाद्यजन्तुसभमे पाओल जाइत अछि । एखनहुँ विश्वभरि पसरल जा रहल कोभिड १९ चीनक वुहानक हुवइ नामक स्थानमे रहल समुद्री खाद्यवस्तुक विशाल बजार (Huan Seafood Wholesale Market_  सँ चमगुदडीक माध्यमसँ पसरल कहल गेल अछि । ओना समुद्री पेंग्वीन नामक चिडैसँ सेहो ई मनुखमे पसरल कहल जाइत अछि ।

                     के राखैत अछि भाइरससभक नाम ?

भाइरसक नाम ओकर बंशाणुगत स्वरूपक आधारपर ICTV (International Committee on Taxonomy of Viruses) द्वारा राखल जाइत अछि जकर आधिकारिक घोषणा विश्व स्वास्थ्य संगठन करैत अछि । वर्तमान समयमे पसरल जा रहल कोरोना भाइरसक नाम SARS-COV-2 रखबाक घोषणा ११ फरबरी २०२० केँ कएल गेल । SARS-COV-2  नाम रखबाक कारण ई अछि जे २००२–२००३ ईश्वीमे SARS (severe acute respiratory syndrome) Corona Virus क संक्रमण भऽ चुकल छल, जकर ई भगिनी भाइरस थिक । तएँ एकरा SARS-COV-2 अर्थात दोसर संस्करणक सार्स नाम राखल गेल । एहिसँ पहिनुक कोरोना भाइरससँ ई भाइरस बेसी खतरनाक आ भिन्न प्रकृतिक अछि । तएँ एकरा Novel (नव प्रकारक) Corona Virus Disease -COVID_ कहल गेल अछि आ ई नवका संस्करण २०१९ क दिसम्बरमे देखल गेल, तएँ Novel COVID-19 नाम राखल गेल अछि ।

              कोना पसरैत अछि कोरोना भाइरस ?

कोरोना भाइरसक पहिल संक्रमण जानवरसँ मनुक्खमे पसरि कऽ भेल कहल जाइत अछि । मुदा मनुक्खसँ मनुक्खमे पसरल विश्वस्त जानकारी एही वर्ष जनवरीक अन्तमे आएल । विश्व स्वास्थ्य संगठनक कथनानुसार ई भाइरस एक व्यक्तिसँ दोसर व्यक्तिमे निम्नलिखित तरीका अथवा माध्यमसँ पसरैत अछि

  • छिंकलापर अथवा खोँखी कएलापर मुहसँ निकलल थूकक कण (respiratory droplets) सँ
  • संक्रमित व्यक्तिक प्रत्यक्ष सम्पर्कसँ
  • थूकक कण रहल सतह अथवा बस्तुसभक सम्पर्कसँ

              कोरोना भाइरसक लक्षणसभ :

COVID-19 विभिन्न व्यक्तिमे अलग–अलग तरीकासँ पसरैत अछि । ई एकटा श्वास–प्रश्वास सम्बन्धी बेमारी थिक आ अधिकांश संक्रमित व्यक्तिमे साधारण आ मध्यम लक्षणसभ देखाइत अछि । अधिकांश अवस्थामे बिना कोनहुँ उपचारक आवश्यकता भेने बेमारी नीको भऽ जाइत अछि । जे व्यक्ति मधुमेह आदि कोनो गम्भीर बेमारीक ओषधीय इलाज करा रहल छथि आ जिनकर उमेर ६० वर्षसँ बेसी भऽ गेल अछि, ओसभ एहि कठोर रोगक आ मृत्युओक उच्च खतरामे रहैत छथि । एकर ई कतलब नहि जे आन समूहक लोकमे ई प्रभाव नहि करैत अछि ।

कोभिड–१९ -COVID-19_ के सामान्य लक्षणसभ निम्नलिखित अछि

  • बोखार (Fever)
  • सुखाएल खोँखी (Dry cough)
  • दम फुलनाइ अर्थात साँस लेबामे दिक्कत भेनाइ (Shortness of breath)
  • शरीरक विभिन्न अङ्ग दुखेनाइ (Aches and pains)
  • कण्ठमे दर्द (Sore throat)
  • किछु गोटेकेँ पेटझडी,जी हदमद कएनाइ आ नाकसँ पानि बहनाइ (diarrhoea, nausea or a runny nose)

 कोरोना भाइरससँ बचबाक उपायसभ :

सामान्य आ कम खतरनाक लक्षण रहल आ आन तरीकासँ स्वस्थ रहल व्यक्तिकेँ स्व–एकान्त–सेवन (self isolation) कएनाइ आ अपन चिकित्सकसँ सम्पर्क कएनाइ आवश्यक होइत अछि । ओसभ COVID-19 सूचना केन्द्रमे सेहो जाँच आ सुझाओकलेल सम्पर्क कऽ सकैत छथि । ज्वर–बोखार, खोँखी आ साँस लेबामे कठिनाइ भेल जकाँ समस्या देखल गेलापर तुरन्ते अपन चिकित्सकसँ सम्पर्क करबाक चाही आ चिकित्सकीय प्रक्रियामे जेबाक चाही । ई बेमारी विकसित भेलापर रोगीकेँ निमोनियाक लक्षण देखाइत अछि, जकर कारणसँ फेफडामे जलन जकाँ भेनाइ आ ओहिमे तरल पदार्थ भरि गेनाइ जकाँ लक्षण देखाइत अछि । एकर पहचान एक्स–रे द्वारा होइत अछि ।

कोरोना भाइरसक संक्रमणसँ बचबाकलेल निम्नलिखित उपायसभ अबलमबन कएल जेबाक चाही

  • अपन दूनू हाथकेँ बारम्बार साबुन आ पानिसँ अथवा अल्कोहल–आधारित हेण्ड रब (किटाणुनाशक द्रव्य) सँ नीकसँ मलि–मलिकऽ साफ करैत रहनाइ,
  • खोँखी करैत काल अथवा छिँकैत काल रुमाल अथवा टिस्सूसँ नाककेँ झाँपैत रहनाइ अथवा मुडीकेँ घुमाकऽ मोडल केहनीपर छिँकनाइ अथवा खोँखी कएनाइ । प्रयोग भेल रुमाल आदिकेँ सुरक्षित स्थानमे फेँकि देबाक चाही ।
  • सर्दी–खोँखी लागल अथवा नाकसँ पानि बहि रहल व्यक्तिसँ दूरी बनाकऽ रखनाइ,
  • अण्डा अथवा मासुकेँ नीकसँ सिद्ध कऽ कए रन्हनाइ,
  • जंगली अथवा पोसा जीवित जानवरसँ असुरक्षित सम्पर्क नहि कएनाइ,
  • खोँखी कएनिहार अथवा छिँकनिहार व्यक्तिसँ कमसँ कम १ मीटर (३ फीट) दूरी बनाकऽ रखनाइ,
  • आँखि, नाक आ मुहकेँ छुनाइसँ परहेज कएनाइ,
  • ज्वर–बोखार, खोँखी आ साँस सम्बन्धी कठिनाइ भेलापर जल्दीए चिकित्सकीय सल्लाह लेनाइ,
  • स्वास्थ्य सल्लाहकर्ताद्वारा देल जाइत सल्लाहकेँ माननाइ
  • भीड़भाड़बला स्थानसँ पूर्ण परहुज कएनाइ आ स्वयंकेँ स्वÞ–एकान्तमे रखनाइ

          उपचार आ इलाज (Treatment):

कोरोना भाइरस  COVID-19 क एखनधरि कोनहुँ स्वीकृत इलाज विकसित नहि भेल अछि आ एकरासँ बचाउकेलेल कोनो टीका (Vaccine) नहि आविष्कार कएल गेल अछि । एखन जे एलाज आ उपचार कएल जा रहल अछि, से लक्षणक आधारपर सुरक्षात्मक आ प्रतिरोधात्मक इलाज थिक ।

कोरोना भाइरसक उपचारमे  प्रयुक्त तरीकासभक किछु उदाहरण निम्नलिखित अछि ः

  • Antiviral or retroviral medications
  • Chloroquin and  Hydroxychloroquin सदृश ओषधक प्रयोग
  • Breathing support, such as mechanical ventilation अर्थात भेन्टीलेशनद्वारा श्वासप्रश्वासमे सहयोग
  • Steroids to reduce lung swelling अर्थात फेफडाक सूजनकेँ कम करबाकलेल उपचार कएनाइ
  • Blood plasma transfusions अर्थात रक्त प्लाज्माक परिवर्तन कएनाइ ।

निष्कर्ष

ई तऽ स्पष्ट भऽ चुकल अछि जे कोरोना भाइरस श्वासप्रश्वाससँ निकलल थूकक कण स्वस्थ व्यक्तिक मुह होइत फेफडामे गेलाक बाद संक्रमण पसरैत अछि । तएँ एहिसँ बचबाक सभसँ नीक तरीका अपनाकेँ सुरक्षित रखनाइए थिक । एहिलेल सामाजिक दूरी बढाकऽ रखनाइ आ व्यक्तिगत सफाइ अति आवश्यक अछि । विभिन्न जगहपर हाथ रखलासँ हाथमे भाइरस सटल रहबाक सम्भावना रहैत अछि । तएँ साबुन आ पानिसँ बीस सेकेण्ड धरि मलि मलिकऽ हाथ बारम्बार धोइत रहनाइ आ बाहर निकललापर मास्कक प्रयोग कएनाइ आवश्यक अछि । एखन विश्वभरि महामारीक रूपमे पसरि चुकल कोरोना भाइरस १९ सँ बचबाकलेल नेपाल सहित विभिन्न देश आ शहरसभमे स्व–एकान्त–सेवन (self-isolation or self quarantine करबाक उद्देश्यसँ लौकडाउनक नीति अवलम्बन कएल गेल अछि जे सर्वाधिक उपयुक्त छी । एकरा सभक्योकेँ पालन करबाके चाही । एखन एहि बेमारीसँ लडबाकलेल आ बाहर निकलबाकलेल दोसर विकल्प नहि अछि ।

  (शुक्रराज ट्रपिकल तथा सरुवा रोग अस्पताल, टेकूक वरिष्ठ कन्सल्टेण्ट फिजिसियन डा. अवधेश कुमार मिश्रक अङरेजी भाषाक आलेखक सम्पादित मैथिली अनुवाद)

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लेखक यादव पत्रकारिताका साथै भाषा, साहित्य, कला, संस्कृति, पर्यटन, ऐतिहासिक एवम् पुरातात्विक क्षेत्रमा कलम चलाउँछन् (सं) ।

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