Top_Header_Right_Add

के तपाईले आफ्नो व्यवसायिक विवरण onlinesaptari.com मा राख्‍नु भयो?

तपाईको व्यवसायिक विवरण राख्‍न वा सच्याउन info@onlinesaptari.com मा मेल वा 9804752133 मा सम्पर्क गर्नुहोला ।

बेरंग_होली

बेरंग_होली
Bwtech New Add With Software & Bull SMS

बटुक ब्रहम्चारी, जनकपुर

छि निसामे हम, तय बहकली कहाँ
छि खिलल गुलाव, तय गमकली कहाँ
मेघ घनगर उठल, पर छै गरजन कहाँ
रंग बरिसबै बदरा किया नोरे जँकाँ
केवो होलौयाके डर सँ पडेलै कहाँ
केव भौजीके आँचर पकड़लक कहाँ
श्याम ओझा बैसल दुधिया सारी बैसल
एक दोसर सँ नयना लड़ौलक कहाँ
नही खंजर चलल, नही मुस्की बहल
नयन सारंग सँ, सर ओ मरलैन कहाँ
छि मुर्छीत पड़ल, लोक बुझत कोना
जँ बुझिए जेतै त’ उठाओत कहाँ
सब छी रंगीन बनल, पर केओ हसली कहाँ
छि त भुते बनल, पर रभसली कहाँ
जहिया पैसा ने छल, रंग भेटैने छल
कादोमे प्रेम चमकै छल, अबरख जकाँ
आई सव किछ भेटल, पर किछु ने रहल
भांग सरबत कहाँ, बास नरकट कहाँ,
डम्फ संगे मतंग भेल ओ नरतक कहाँ
छि निसामे हम….
सम्पूर्ण सहिद प्रती सादर नमन…

Online Saptari

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: