विद्यानन्द बेदर्दी ☆ ☆ ☆ ☆ सदति हमरा तु मारैत रहले, जेना बिजी मारैय साँपके सदति दमन तु करैत रहले, बात करैछे मेलमिलापके? एक-एक बदला लेबौ आब, तो बुझैछे कि अपनेआपके? ☆ ☆ ☆ ☆ ओ मारैत रहतै,फुसिएके सदित मरैत रहबे? भाइ रे कि अहिना टुकुर टुकुर तकैत रहबे? ☆ ☆ ☆ ☆ हे रे … Continue reading सदति हमरा तु मारैत रहले
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